EPCO
हिन्दी | English
NEAC | NGC
Education
Campaign & Programmers
About NEAC
 
राष्ट्रीय हरित कोर (नेशनल ग्रीन कोर)

भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, मंत्रालय (तत्कालीन पर्यावरण एवं वन मंत्रालय) द्वारा वर्ष 2001-02 से संपूर्ण देश में राष्ट्रीय हरित कोर (National Green Corps) एक अभिनव कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जिसका उद्देश्य पर्यावरणीय समस्याओं के प्रति बच्चों में समझ विकसित करना, विद्यालयीन विद्यार्थियों का समाज में जागरूकता पैदा करना एवं उनका सहयोग लेना साथ ही समाज की विभिन्न पर्यावरणीय समस्याओं से सीधे संपर्क में बच्चों को लाना है। योजना वर्तमान में देश के सभी राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशो में लागू है। म.प्र. राज्य शासन द्वारा पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन (एप्को), भोपाल को राज्य की नोडल संस्था के रूप में नियुक्त किया गया है।
राष्ट्रीय हरित कोर कार्यक्रम के अंतर्गत इको क्लबों का गठन म.प्र. के 51 जिलों के (प्रत्येक जिले में 250 विद्यालयों के मान से) कुल 12,750 विद्यालयों में किया गया है। एक इको क्लब में 30 से 50 विद्यार्थी होते है। योजना में प्राथमिकता के आधार पर प्रदेश के समस्त शा. उ. मा. विद्यालय, शा. उ. मा. कन्या विद्यालय, शा. उत्कृष्ट उ. मा. विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय, केन्द्रीय विद्यालय, शा. हाई स्कूल एवं शा. मा. विद्यालय में इको क्लबों के माध्यम से संचालित है। जिला स्तर पर इको क्लब विद्यालयों का चयन 42 जिलों में जिला शिक्षा अधिकारी एवं 09 आदिवासी जिलों (अनूपपुर, अलीराजपुर, मण्डला, डिण्डोरी, धार, झाबुआ, खरगौन, बैतूल एवं बड़वानी) में सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग के द्वारा किया गया है। जिले के चयनित 250 विद्यालयों की सूची संलग्न है।

भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, मंत्रालय द्वारा वर्ष 2017-18 से अनुदान राशि बढ़ाकर  रू. 5,000/- प्रति विद्यालय स्वीकृत की गई है। राशि का हस्तांतरण एप्को द्वारा समस्त विद्यालयों को सीधे विद्यालय के खाते में RTGS के माध्यम से भेज दी गई है। वित्त वर्ष 2018-19 से राष्ट्रीय हरित कोर योजना अंतर्गत इको क्लब विद्यालयों को अनुदान राशि रु. 5,000/- मंत्रालय द्वारा सीधे विद्यालयों के खाते में Direct Benefit Transfer (DBT) के माध्यम से भेजी जावेगी।

उद्देश्यः

  1. पर्यावरण एवं पर्यावरणीय समस्याओं के प्रति बच्चों में समझ विकसित करना
  2. बच्चों को पर्यावरणीय शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना
  3. स्कूली छात्रों का समाज में जागरूकता पैदा करने हेतु एक माध्यम के रूप में उनका सहयोग लेना।
  4. पर्यावरण तथा विकास संबंधी क्षेत्रों में निर्णय लेने हेतु छात्रों की सहभागिता सुनिश्चित करना।
  5. समाज की विभिन्न पर्यावरणीय समस्याओं के सीधे सम्पर्क में बच्चों को लाना तथा स्थानीय स्तर पर इनके हल भी स्वयं निकालने हेतु उन्हे प्रोत्साहित करना।
  6. बच्चों को उनके आसपास के पर्यावरण से सम्बन्धित कार्ययोजना आधारित कार्यक्रमों में शामिल करना।

ईको-क्लबों हेतु अनुशंसित गतिविधियॉ:

  1. पर्यावरणीय जागरूकता/ उन्मुखीकरण कार्यक्रम।
  2. स्थल भ्रमण आधारित पर्यावरणीय शिक्षाप्रद कार्यक्रम।
  3. पर्यावरणीय प्रबंधन सम्बन्धी कार्यक्रम।
  4. करो व सीखो गतिविधियॉ।
  5. पर्यामित्र गतिविधियों का प्रचार-प्रसार।
  6. पर्यावरणीय जन चेतना कार्यक्रम।
  7. पर्यावरणीय साहित्य व दस्तावेजों का संग्रह।
  8. स्वप्रेरणा से अन्य गतिविधियों का आयोजन।

कार्यविधिः

  1. योजना का संचालन इको क्लब विद्यालयों के माध्यम से किया जाता है।
  2. प्रत्येक क्लब में पर्यावरणीय विषयों में रूचि रखने वाले 30-50 विद्यार्थी होते है।
  3. विद्यालय के शिक्षकों में से पर्यावरण में रूचि के आधार पर चयनित शिक्षक ईको क्लब के प्रभारी शिक्षक के रूप में कार्य करता है।
  4. प्रत्येक ईको क्लब को गतिविधियों के संचालन हेतु वर्ष 2017-18 से रू. 5,000.00 (रूपये पांच हजार प्रति वर्ष) वार्षिक अनुदान राशि प्रदाय की जाती है।
  5. जिला स्तर पर योजना के क्रियान्वयन पर्यवेक्षण तथा प्रभारी शिक्षकों के प्रशिक्षण आयोजित करने के लिए जिला क्रियान्वयन तथा मानिटरिंग समिति बनायी गयी है।
  6. योजना के क्रियान्वयन के निरीक्षण हेतु एक राज्य संचालन समिति का गठन किया गया है।
  7. राज्य स्तरीय नोडल एजेन्सी (एप्को) राज्य में योजना के क्रियान्वयन तथा नोडल ऑफिसर एवं मास्टर ट्रेनर्स के प्रशिक्षण आयोजित करने संबंधी गतिविधियों के समन्वयक का दायित्व निभायेगी।
  8. राष्ट्रीय संचालन समिति, राज्य में कार्यक्रम संचालन तथा प्रत्येक स्तर पर समन्वय हेतु समग्र रूप से मार्गदर्शन करेंगी।

राशि के उपयोग संबंधी दिशा निर्देश:-

  1. राशि का उपयोग योजना के क्रियान्वयन हेतु एप्को द्वारा पूर्व में जारी मार्गदर्शिका में दर्शये गये बिन्दुओं के अनुसार किया जाना है।
  2. अनुदान राशि रू. 5,000/- में से रू. 2,000/- का व्यय दो कूड़ेदान (हरे एवं नीले रू. 1,000 प्रति) को क्रय एवं विद्यालय परिसर में स्थापित करने तथा रू. 3,000/- का व्यय गतिविधियों पर किया जाना है।
  3. इस राशि का उपयोगिता प्रमाण-पत्र इको क्लब विद्यालयों द्वारा एप्को कार्यालय को सीधे भेजा जा सकता है या जिला शिक्षा अधिकारी/सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग द्वारा एप्को भोपाल को भेजा जाना होगा।
  4. योजना के क्रियान्वयन के संबंध में भारत सरकार/एप्को द्वारा समय-समय पर जारी आदेशो/निर्देशों का पालन करना आवश्यक है।
  5. जिला शिक्षा अधिकारी/सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग द्वारा योजना के क्रियान्वयन संबंधी वार्षिक प्रतिवेदन निर्धारित प्रारुप में एप्को, भोपाल को भेजना आवश्यक है।

संपर्क सूत्र:-

  • डॉ.साधना तिवारी, वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी एवं राज्य नोडल अधिकारी, एन.जी.सी. (0755-2462318)
  • श्री महेश मिश्रा, वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी (मो. 9425028291)
  • श्री दिलीप चक्रवर्ती, पर्यावरण शिक्षा अधिकारी, एनजीसी (मो. 9826709218)
  • ईमेल - ngcepcomp@gmail.com
  • वेबसाइट – www.epco.in


 
एन.जी.सी प्रपत्र
1.
राष्ट्रीय हरित कोर की वार्षिक कार्य योजना
डाउनलोड
2.
विद्यालय वार्षिक प्रतिवेदन प्रपत्र।
डाउनलोड
3.
जिला क्रियान्वयन तथा मोनिटरिंग - उपयोगिता प्रमाण-पत्र।
डाउनलोड
4.
250 इको क्लब विद्यालयों का संकलित उपयोगिता प्रमाण-पत्र।
डाउनलोड
 
Powered by SynQues                    EPCO © 2011                    Disclaimer | Privacy Policy | Sitemap